भ. गी. 10.21

आदित्यानामहं विष्णुर्ज्योतिषां रविरंशुमान् ।
मरीचिर्मरुतामस्मि नक्षत्राणामहं शशी ॥

अनुवाद

अदिति के बारह पुत्रों में मैं विष्णु हूँ; [नभचर] ज्योतियों में मैं तेजस्वी सूर्य हूँ; उनचास मरुतों में मैं मरीचि हूँ; और नक्षत्रों* में मैं चन्द्रमा हूँ।

टिप्पणियाँ

* 27 नक्षत्र अथवा चंद्र-मंडल हैं, जिनसे होकर चंद्रमा गुजरता है। चंद्रमा की गणना उनमें नहीं होती, बल्कि उसे नक्षत्रों का स्वामी माना जाता है।

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