भ. गी. 4.1

श्रीभगवानुवाच
इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम् ।
विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत् ॥

अनुवाद

श्रीभगवान् ने कहा - मैंने सूर्य देव विवस्वान को यह अविनाशी योग सिखाया था । फिर विवस्वान ने इसे मनु को बताया और मनु ने इसे राजा इक्ष्वाकु को सुनाया।

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प्रश्न 1, कुल 2

व्याख्यान के अनुसार, भगवद्गीता के चौथे अध्याय के प्रथम श्लोक में अर्जुन के बिना कोई प्रश्न पूछे ही भगवान श्रीकृष्ण का स्वयं बोलना आरंभ करने का क्या शास्त्रीय कारण 'संगति' के सिद्धांत द्वारा समझाया गया है, तथा विभिन्न शास्त्रों में दिखने वाले परस्पर मतभेद का क्या वास्तविक आधार बतलाया गया है?

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